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विगत कई वर्षों  से हिमाचल के दुर्गम क्षेत्रों मैं सेवारत लगभग 10000 अस्थाई शिक्षकों अपनी सेवाओं के नियमितकरण की बाट जोह रहे हैं । इन शिक्षकों का सुप्रीम कोर्ट मैं मामला 2011 से विचाराधीन है ।इससे पहले यह शिक्षक हाईकोर्ट मैं जीत चुके हैं। हिमाचल मैं लगभग 3400 प्राथमिक सहायक अद्यापक 2002 -2003 से कार्यरत हैं । जिनकी नियुक्ति मात्र 2000 से 1800 रुपये महीना मानदेय पर हुई थी। सुप्रीम कोर्ट मैं इनका मामला अंतिम सुनवाई मैं है 3 दिसम्बर को सुनवाई तय हुई है लेकिन 2011 से सिर्फ तारीखें आगे बढ़ती रही ,लेकिन आज भी सोलह सत्रह वर्ष बाद भी इन शिक्षकों को अपने अधिकार नहीं मिल पाए हैं । जो लगभग सत्रह वर्षों से सेवारत हैं । जबकि अन्य वर्ग जैसे पी टी ए अद्यापक भी 13 वर्षों से कार्यरत हैं । सभी सरकारें इनकी अनदेखी करती रही । इनके शिक्षित किये विद्यार्थी आज अच्छी जगह सेवाओं मैं  सेवारत हैं ।लेकिन उक्त अद्यापक सत्रह वर्ष बाद भी न्याय की उम्मीद मैं है। कई अद्यापक उम्र के लिहाज मैं बिना किसी वितीय लाभ के रिटायर भी हो चुके हैं । इन शिक्षको ने ऐसे दुर्गम क्षेत्रों मैं सेवायें दी हैं जहाँ रेगुलर अद्य...

शिक्षकों को 50 हज़ार तक लाभ

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